भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि शिक्षण एक पेशा ही नहीं बल्कि कला है,  

जिसमें आप छात्रों को अनुशासित करके तराशते हैं।  

Image Credit : Instagram

उन्होंने मशहूर तकनीक और शिक्षाविद प्रोफेसर केके अब्दुल गफ्फार की आत्मकथा के विमोचन के मौके पर यह बात कही। 

Image Credit : Instagram

इस मौके पर धोनी ने शिक्षकों की जमकर तारीफ की, लेकिन उनका कोच बनने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। 

Image Credit : Instagram

वह अपने दोस्त के पिता की किताब का विमोचन कर रहे थे और उन्होंने अपने शिक्षकों के सम्मान में ये बातें कही हैं।

Image Credit : Instagram

धोनी ने शनिवार को एक कार्यक्रम में प्रोफेसर गफ्फार की आत्मकथा ‘अनजान साक्षी’ का विमोचन किया।  

Image Credit : Instagram

उन्होंने दुबई स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ मारवान अल मुल्ला को किताब की पहली प्रति भेंट की। 

Image Credit : Instagram

इस मौके पर धोनी ने कहा  एक शिक्षक को अपने छात्रों को समझाने के लिये हर चीज सरल करनी होती है।  

Image Credit : Instagram

मुझे लगता है कि यह एक पेशा ही नहीं बल्कि कला है। 

Image Credit : Instagram

इसमें आप छात्रों को अनुशासित करके उनके मजबूत और कमजोर पक्ष बताते हैं। 

Image Credit : Instagram

मैं हमेशा से अपने स्कूल के शिक्षकों का बड़ा प्रशंसक रहा हूं। 

Image Credit : Instagram

भारत की सबसे तेज़ और सबसे सस्ती वेब होस्टिंग मात्र ₹49/mo से शुरू 

Image Credit : Instagram

यह 5 कारण है जिससे IPL के कोहिनूर बन गए सैम करन !

Image Credit : Instagram

रोजाना ऐसी ही रोचक और मनोरंजक जानकारी पाए आपके Whatsapp पर | 

Whatsapp Group से जुड़ने के लिए निचे दिए हुए लिंक पर क्लिक करे | 

Limited Slot Join Fast Now